नहीं। कोई भी मकान मालिक किसी वैध किराया भुगतान को इस उद्देश्य से अस्वीकार नहीं कर सकता कि वह बेदखली के आधार तैयार करे या पुनः वार्ता के लिए दबाव बनाए। यदि मकान मालिक भुगतान अस्वीकार करे तो:
चरण 1 — साक्ष्य सुरक्षित करें।
- भुगतान के प्रयासों का प्रमाण रखें: बैंक-ट्रांसफर के स्क्रीनशॉट, दिनांकित चेक, ईमेल, व्हाट्सऐप संदेश।
- हस्ताक्षरित रसीद के बिना नकद भुगतान से बचें।
चरण 2 — औपचारिक कार्यवाही।
- मकान मालिक को एक औपचारिक नोटिस (ईमेल + रजिस्टर्ड डाक द्वारा) भेजें जिसमें उनसे ट्रांसफर के लिए बैंक विवरण प्रदान करने या चेक स्वीकार करने की माँग की जाए।
- यदि फिर भी अस्वीकार किया जाए, तो शारजाह किराया विवाद केंद्र के माध्यम से न्यायालय एस्क्रो में किराया जमा करें, अथवा नोटरी पब्लिक के समक्ष अधिकृत चेक जमा करवाएं।
चरण 3 — वाद दायर करें।
- शारजाह किराया विवाद केंद्र मकान मालिक और किरायेदार के बीच के विवादों की सुनवाई करता है। किराया स्वीकार करने से इनकार के लिए वाद दायर करें और न्यायालय से अनुरोध करें कि विवाद के निपटारे तक किराया एस्क्रो में रखा जाए।